Akola
राजयोगिनी दादी प्रकाशमणिजी के १८ वे स्मृति दिन पर विशाल रक्तदान शिविर का आयोजन
- रक्त दान शिविर में रक्तदान देते हुये रक्तदाता
- रक्तदाताओ को मार्गदर्शन करते हुये राजयोगिनी सुमन दीदी
- रक्तदान शिविर के उद्घाटन पर अपने विचार व्यक्त करते हुये अकोला जिला के सामान्य रुग्णालय के शल्य चिकित्सक तथा आरोग्सय विभाग की सहाय्हायक संचालिका डॉ. आरती कुलवालतथा उपस्य्यथित मान्कयवर
प्रजापिता ब्रम्हाकुमारीज अकोला की ओर से दादी . प्रकाशमणीजी की स्मृति में कीर्ति नगर स्थित सेवा केंद्र में आयोजित रक्तदान शिविर में 127 रक्तदाताओं ने रक्तदान किया। इस शिविर के उद्घाटन कार्यक्रम में प्रमुख अतिथि के रूप में स्वास्थ्य विभाग की सहायक संचालिका डा. आरती कुलवाल, पुलिस ट्रैनिंग सेंटर के प्राचार्य डॉ. निलेश पांडे जी. एम. सी. अकोला के पैथोलॉजी विभाग प्रमुख डॉ. दिलीप सराटे तथा शिवाजी इंजीनियरिंग महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. प्रशांत थोरात , जीएमसी की प्राध्यापिका डा. सुवर्णा पाटिल आदि की उपस्थिति थीI मान्यवरो का स्वागत बी. के. वर्षा दीदी ने किया और ईश्वरीय सौगात बी. के. वैशाली दीदी ने दी। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता रामदास पेठ सेवा केंद्र की संचालिका राजयोगिनी सुमन दीदी ने की I अपने अध्यक्षीय भाषण में बी.के. सुमन दीदी ने ब्रम्हाकुमारीज अपने विभिन्न प्रभागो द्वारा समाज के विभिन्न वर्गों की सेवा कर रही है, ऐसा प्रतिपादन किया I इस अवसर , पर रक्तदान का महत्व मान्यवरों ने समझाया। कार्यक्रम संचालन किरण दीदी और आभार प्रदर्शन सागर भाई ने किया। शिविर को सफल बनाने के लिए सेवाकेंद्र के ब्रम्हाकुमार- कुमारी भाई बहनों के साथ जीएमसी, पैथालॉजी विभाग की डा. सुवर्णा पाटिल, डा. राजवर्धन वानखडे, डा. शिल्पा तायडे ने अपने स्टाफ के साथ सेवा प्रदान की।
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जीवन कि समस्स्याए और उनके आध्यात्मिक समाधान इस विषय पर मार्गार्दर्शन कार्यशाला का आयोजन
- विद्यार्थियों को मार्गदर्शन करते हुये बी. के किरण
दि. ९ से ११ नवम्बर २०२५ को आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज, पातूर के विद्यार्थियों को तीन दिनों तक जीवन की समस्याएँ और उनके आध्यात्मिक समाधान इस विषय पर मार्गदर्शन दिया गया। बदलते समय के अनुसार स्पिरिचुअली स्मार्ट बनने की आवश्यकता है—इस विषय के साथ-साथ पॉज़िटिव थिंकिंग, डेडिकेशन जैसे विषयों पर भी प्रकाश डाला गया। कार्यक्रम में लगभग 100 विद्यार्थी तथा प्राचार्या काटोल मैडम उपस्थित थीं। बी.के. लीना दीदी, बी.के. प्रभा दीदी और बी.के. किरण दीदी ने विद्यार्थियों को मार्गदर्शन किया।
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अभियांत्रिकी के छात्रों को राजयोगी डॉ. बीके शिवलाल ने दिए सफलता के चार सूत्र
श्री शिवाजी एजुकेशन सोसायटी अमरावती द्वारा संचालित बाबभूलगाव स्थित अभियांत्रिकी व तकनीकी महाविद्यालय में आयोजित कार्यक्रम में कैनेडा से अपनी यात्रा पर आए हुऐ राजयोगी डॉ. शिवलाल ने छात्राओं का उद्बोधन किया। कार्यक्रम की शुरुवात स्वर्गीय डॉ . पंजाबराव देशमुख जिन्होंने संपूर्ण विदर्भ में शिक्षा की नींव रखी उनके प्रतिमा को मान्यवरों द्वारा पुष्पांजलि अर्पण की गई। डॉ. एस. के. मकवाना, हेड ऑफ डिपार्टमेंट, मैकेनिकल इंजीनियरिंग तथा इंचार्ज प्राचार्य ने बी के शिवलाल भाई का स्वागत और सत्कार किया। इस कार्यक्रम के लिये डॉ. पंकज अर्डक , डॉ. ज्योति शेगोकार , डॉ. देवयानी राउत, प्रा. आनंद बिहाडे, प्रा. निंगवाल, डॉ. प्रेमसागर भानावत, और अभियांत्रिकी के विविध शाखाओं के छात्र उपस्थित थे। डॉ. शिवलाल जो माउन्ट आबू स्थित प्रजापिता ब्रह्मा कुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय से जुड़े है और प्रेरक वक्ता है उन्होंने छात्राओं को जीवन में सफलता पाने के लिये सफलता के चार सूत्र , सुनना , समजना, समाना और सुनाना समझाए और छात्रों को मार्गदर्शन किया। इस कार्यक्रम के आयोजन के लिये प्रा. शारदा देशमुख ( स्टूडेंट्स एक्टिविटी इंचार्ज ) विशेष योगदान दिया। कार्यक्रम का संचलन पुष्कर पानसे और सुरभि लहरिया इन विद्यार्थीयो ने किया और प्रा. शारदा देशमुख ने सभी मान्यवरों के आभार व्यक्त किए।
- बीके शिवलाल को संम्मान चिन्ह तथा सत्कार करते हुये प्रभारी प्राचार्य डॉ. संजय मकवाना
- बीके शिवलाल के साथ महाविद्यालय के प्राध्यापक
- कार्यक्रम को उपस्थित विद्यार्थी
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डॉ . बीके शिवलाल द्वारा , ” चुनौवतियो का सामना, समाधान की खोज ” इस विषय पर सम्बोधन
- बीके शिवलाल का परिचय तथा सम्बोधन सत्र का प्रस्ताविक करते हुये राजयोगिनी रुख्मिणी दीदीजी
- बीके शिवलाल का स्वागत करते हुये राजयोगिनी अर्चना दीदी
- उद्बोधन करते हुये बीके शिवलाल
- कार्यक्रम के लिए उपस्थित श्रोता गण
दि. १० नवम्बर २०२५ को कीर्ति नगर सेवा केन्द्र पर राजयोगी तथा प्रेरक वक्ता डॉ. बीके शिवलाल द्वारा ” चुनौवतियो का सामना, समाधान की खोज ” इस विषय पर सम्बोधन सत्र का आयोजन की गया I जैसे – जैसे हम आगे बढ़ते है , समस्याए हमारे जीवन से जुडी होती है लेकिन उनसे निपटने के लिए हमें सकारात्मक मानसिकता और आध्यात्मिक ज्ञान की आवश्कता होती है इन बातो को मध्य नजर रखते हुये बीके शिवलाल भाईजी, जो केनडा से पधारे थे उनका प्रेरणा दायक
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